जिसे अपना पक्ष ही न पता हो, वह रचनाकार कैसे?
जन संस्कृति मंच के आयोजन में देश के नामचीन लेखकों और संस्कृतिकर्मियों ने किया प्रतिरोध की…
पर्यटन को नई पहचान, मुख्यमंत्री ने जशपुर में होमस्टे की शुरुआत की
एक मॉडल सामुदायिक पर्यटन स्थल के रूप में ग्राम केरे को किया जाएगा विकसित होमस्टेज़ ऑफ…
कानून से व्यवस्था, शब्दों से संवेदना—समाज का संतुलन
साहित्य सृजन कर रहे पूर्व अधिकारियों ने ‘शासन और साहित्य’ के अंतर्संबंधों पर रखी अपनी राय…
परदे पर समाज की छवि, रायपुर साहित्य उत्सव में सिनेमा सत्र बना आकर्षण
सिनेमाजगत के प्रसिद्ध निर्देशक अनुराग बसु और चाणक्य सीरियल के निर्माता चंद्रप्रकाश द्विवेदी हुए शामिल लोग…
डिजिटल दौर में भी शब्दों की ताक़त बरकरार, प्रिंट और साहित्य पर राज्यपाल डेका
रायपुर साहित्य उत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए राज्यपाल रायपुर। राज्यपाल रमेन…
रस, भाव और विरासत—नाट्यशास्त्र में झलकी भारतीय कला परंपरा
गुरु–शिष्य परंपरा और दुर्लभ वाद्यों के संरक्षण पर विशेषज्ञों ने रखे विचार रायपुर।…
कहानियों से संस्कार तक, बाल साहित्य की प्रासंगिकता पर सार्थक संवाद
विज्ञानसम्मत बाल साहित्य का लेखन अनिवार्य : डॉ. गोपाल दवे साहित्य के बिना शिक्षा की कल्पना…
शब्दों के साथ रंगों की भी बहार, रायपुर साहित्य उत्सव में चित्रकला का आकर्षण
सुरेंद्र दुबे मंडप में चित्रकला प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र, सेल्फी का बनी हाटस्पाट …
बानबरद में लोकार्पण कार्यक्रम व परमेश्वरी जयंती समारोह में विधायक कोर्सेवाड़ा शामिल हुए
अहिवारा। अहिवारा विधायक एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा)…
परंपरा से भविष्य तक, ‘नवयुग में भारत बोध’ पर विचारों का संगम
भारतीय दृष्टि से पाठ्यवस्तु और पत्रकारिता के भारतीयकरण की आवश्यकता पर विशेषज्ञों ने दिया जोर …