अहिवारा। नगर पालिका अहिवारा में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर जहाँ नगर पालिका सीएमओ अंकुर पांडे राजस्व बढ़ाने और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, वहीं दूसरी ओर नगर पालिका अध्यक्ष उनके इन प्रयासों को तानाशाही करार देते हुए विरोध कर रहे हैं।
मामला तब गर्मा गया जब नगर पालिका के बिजली बिल की बड़ी राशि का भुगतान किए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इस बहस का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
नियमों के अनुसार प्रस्ताव की आवश्यकता नहीं
नगर प्रशासनिक नियमों के अनुसार, नगर पालिका के बिजली बिल भुगतान के लिए किसी प्रस्ताव की आवश्यकता नहीं होती। हाल ही में नगरी प्रशासन एवं विकास विभाग के अवर सचिव द्वारा सभी नगरीय निकायों को बिजली बिल समय पर चुकाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे, जिसका पालन करते हुए अहिवारा सीएमओ ने यह भुगतान किया।
मुख्य कार्यपालिका अधिकारी को दिए गए अधिकार
शासन के आदेशानुसार नगरपालिका में विभिन्न भुगतान और लेखा संबंधी अधिकार मुख्य कार्यपालिका अधिकारी (सीएमओ) को सौंपे गए हैं। इन्हीं अधिकारों के तहत सीएमओ ने बिजली बिल का भुगतान किया।
अध्यक्ष ने भुगतान पर जताया विरोध
दूसरी ओर, नगर पालिका अध्यक्ष ने इस भुगतान को अनियमित बताते हुए कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि इस प्रकार का बड़ा भुगतान बिना चर्चा और पारदर्शिता के नहीं होना चाहिए था।
नगर के कई जनप्रतिनिधि और नागरिक इस विवाद पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं, जिससे मामला और भी गर्माता जा रहा है।