आमाबेड़ा से उठा सवाल: धर्मांतरण विवाद पर सर्व समाज की एकजुटता

       रायपुर/कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में धर्मांतरण से जुड़े विवाद के बाद सर्व समाज द्वारा बुलाए गए बंद का व्यापक असर देखने को मिला। 24 दिसंबर 2025 को आहूत इस बंद के दौरान बस्तर संभाग सहित प्रदेश के कई जिलों में बाजार बंद रहे और जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ।

       बंद का सर्वाधिक असर बस्तर संभाग के सातों जिलों—जगदलपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा और कोंडागांव में देखने को मिला, जहां अधिकांश व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। वहीं रायपुर, दुर्ग, सरगुजा जैसे जिलों में भी बंद का आंशिक प्रभाव रहा। कई स्थानों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुए और सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए। व्यापारिक संगठनों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों ने बंद को समर्थन दिया।

       सर्व समाज की ओर से सरकार से धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून, कांकेर हिंसा के आरोपियों पर कठोर कार्रवाई तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई। संगठनों का आरोप है कि मिशनरी गतिविधियों के कारण क्षेत्र में सामाजिक तनाव बढ़ा है। वहीं विश्व हिंदू परिषद सहित कुछ संगठनों ने चर्चों की जांच और अवैध निर्माण हटाने की भी मांग उठाई।

       इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि आमाबेड़ा के बड़े तेवड़ा गांव से जुड़ी है, जहां धर्मांतरणित सरपंच के शव दफनाने को लेकर 17 से 19 दिसंबर के बीच तनाव और हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं। हालात बिगड़ने पर प्रशासन को धारा 144 लागू करनी पड़ी थी। बाद में चर्च से जुड़े नेता महेंद्र बघेल द्वारा हिंदू धर्म में वापसी की घोषणा भी चर्चा में रही।

       प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और शांति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *