October 12, 2026

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बीएसपी के लोहे पर चोरों की नजर! भिलाई के छावनी में कबाड़ी गोदाम में कटाई का मामला

       भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र से कथित तौर पर लगातार हो रही लोहा चोरी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। पूरे प्रकरण की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने की स्वीकृति मिलने और इस संबंध में राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने के बावजूद चोरी की घटनाएं जारी हैं। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन को आज भिलाई के छावनी क्षेत्र में बीएसपी से चोरी का लोहा काटे जाने की खबर पर उनकी टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पुलिस को सूचना दी गई। सेन ने सीआईएसएफ के डीआईजी और दुर्ग एसपी से चर्चा कर लोहा चोरी रोकने कड़ी पहल के निर्देश दिए हैं।

       विधायक रिकेश सेन ने बताया कि सूचना के आधार पर उनकी टीम छावनी क्षेत्र स्थित पांडेय कबाड़ी के गोदाम पहुंची, जहां बड़ी मात्रा में लोहा और काटकर अलग किए गए लोहे के टुकड़े मिले हैं। मामले की सूचना तत्काल दुर्ग पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वहां जब्ती की कार्रवाई जारी है।

       उनके मुताबिक, ताजा सूचना में लोहे को धर्मकांटा से निकलने के बाद रास्ते में रोक कर काटने, अलग-अलग हिस्सों में रखने और फिर गंतव्य तक पहुंचाने की आशंका सामने आई। सूचना मिलने पर उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी जुटाई और पुलिस को अवगत कराया।

       छावनी क्षेत्र में पांडेय कबाड़ी के गोदाम पर हुई कार्रवाई से भी कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, बरामद सामग्री की वास्तविक मात्रा, उसके बीएसपी से संबंध, परिवहन के दस्तावेज और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी।

       उन्होंने कहा कि पुलिस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) अथवा बीएसपी के अधिकारियों कर्मचारियों की मिलीभगत से ही चोरी संभव है। ऐसे लोगों पर भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। यह आरोप जांच का विषय है और किसी भी व्यक्ति या अधिकारी की भूमिका तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर ही निर्धारित की जानी चाहिए।

       छावनी क्षेत्र में पांडेय कबाड़ी के गोदाम पर पुलिस की कार्रवाई को इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मौके से मिले लोहे की पहचान, उसके स्रोत, परिवहन संबंधी दस्तावेजों और कथित तौर पर काटकर रखे गए माल की जांच से कई अहम सुराग सामने आ सकते हैं।

       अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच की प्रक्रिया कितनी शीघ्र आगे बढ़ती है और कथित लोहा चोरी के पीछे सक्रिय लोगों तथा संभावित सहयोगियों की भूमिका किस तरह सामने आती है। विधायक ने उम्मीद जताई कि केंद्रीय एजेंसी की जांच से पूरे प्रकरण की परतें खुलेंगी और राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।