दुर्ग। जिले में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए दुर्ग पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत पुलिसकर्मी ग्राम पंचायतों, नगर निकायों, स्कूल-कॉलेजों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को साइबर ठगी से बचने के उपाय बता रहे हैं।
इसी कड़ी में नंदिनी थाना प्रभारी अनिल पटेल ने थाना क्षेत्र के प्रधान आरक्षक, आरक्षक सहित पुलिस स्टाफ को निर्देशित किया है कि वे क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक संस्थानों में जाकर नागरिकों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करें।
पुलिसकर्मी ग्राम पंचायत, राशन दुकानों, स्कूल-कॉलेजों और अन्य सरकारी संस्थानों में पहुंचकर लोगों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। लोगों को विशेष रूप से अनजान मोबाइल नंबरों से आने वाली कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी, OTP और बैंक संबंधी जानकारी साझा करने से होने वाले नुकसान के प्रति सचेत किया जा रहा है।
पुलिस द्वारा लोगों को समझाया जा रहा है कि OTP, ATM PIN, CVV, बैंक पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई ऐप डाउनलोड करने से भी बचने की सलाह दी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
दुर्ग पुलिस के इस अभियान का उद्देश्य जिले के अधिक से अधिक नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और उन्हें ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रखना है।

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