दुर्ग। उतई थाना क्षेत्र में करीब 5 वर्षीय बालिका से संबंधित गंभीर लैंगिक अपराध के मामले में विशेष न्यायालय (POCSO), दुर्ग ने आरोपी धनेंश्वर साहू उर्फ जनता (40 वर्ष) को दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास समेत विभिन्न सजाओं से दंडित किया है। न्यायालय ने अलग-अलग धाराओं में 7 वर्ष, 10 वर्ष और 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजाएं भी सुनाई हैं।
पुलिस के अनुसार, 10 अप्रैल 2026 को उतई थाना क्षेत्र में बालिका से संबंधित लैंगिक अपराध की सूचना मिलने पर अपराध दर्ज कर तत्काल विवेचना शुरू की गई थी। मामले में आरोपी धनेंश्वर साहू उर्फ जनता को 11 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आवश्यक साक्ष्य संकलित कर समयबद्ध विवेचना पूरी करते हुए 25 अप्रैल 2026 को अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
न्यायिक अभिलेख के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 109, 238 एवं 65(2), POCSO Act की धारा 5(ड) सहपठित धारा 6 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत अभियोजन किया गया।
विशेष न्यायालय (POCSO), दुर्ग ने 25 सितंबर 2026 को आरोपी को दोषसिद्ध किया, जबकि 26 सितंबर 2026 को सजा संबंधी आदेश पारित किया। न्यायालय ने विभिन्न धाराओं में आजीवन कारावास तथा 7 वर्ष, 10 वर्ष और 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजाएं सुनाईं। साथ ही विभिन्न धाराओं में कुल ₹13,000 का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त सश्रम कारावास का प्रावधान किया गया है।
मामले की विवेचना नगर पुलिस अधीक्षक नेवई श्रीमती भारती मरकाम द्वारा की गई। विवेचना एवं कार्रवाई में निरीक्षक महेश ध्रुव, उप निरीक्षक प्रमोद सिन्हा सहित थाना उतई एवं रक्षित केंद्र दुर्ग के पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रकरण की ओर से न्यायालय में विशेष लोक अभियोजक श्रीमती रूपवती तेलीदार ने पैरवी की।
घटना कुंआंपारा, बंजारीपारा, उतई क्षेत्र की बताई गई है।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें और किसी भी प्रकार के लैंगिक अपराध, शोषण या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने विशेष रूप से पीड़ित बच्चे की पहचान और निजता की सुरक्षा का ध्यान रखने तथा संवेदनशील जानकारी अनावश्यक रूप से सार्वजनिक नहीं करने की अपील की है।