दुर्ग। नगर पालिक निगम भिलाई के अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वार्डों के आरक्षण में प्रस्तावित बदलाव को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता एवं कांग्रेस नेता अली हुसैन सिद्दीकी ने जिला कलेक्टर के समक्ष आपत्ति प्रस्तुत की है। उन्होंने आरक्षण प्रक्रिया का नियमानुसार परीक्षण कराने तथा वर्तमान आरक्षित वार्डों में परिवर्तन नहीं किए जाने की मांग की है।
कलेक्टर को दिए आवेदन में सिद्दीकी ने कहा है कि भिलाई नगर निगम के SC और ST वार्डों में परिवर्तन किया जाना उचित प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि वर्ष 2011 के बाद नई जनगणना नहीं हुई है और वर्ष 2020 के बाद वार्डों का नया परिसीमन भी नहीं किया गया है। ऐसे में आरक्षण के लिए उपयोग किए जा रहे आंकड़ों की विश्वसनीयता और आधार का परीक्षण किया जाना आवश्यक है।
आवेदन में दावा किया गया है कि वर्ष 2011 की जनगणना से संबंधित आंकड़ों में वार्ड या गणना ब्लॉक स्तर पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या का ऐसा विस्तृत आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, जिसके आधार पर वर्तमान में वार्डवार आरक्षण में बदलाव किया जा सके। सिद्दीकी का कहना है कि यदि कहीं उपलब्ध आंकड़ों को जनसंख्या वृद्धि दर के आधार पर अपडेट किया गया है तो उनकी प्रमाणिकता और गणना की पद्धति की जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि उनकी आपत्ति को विधिवत स्वीकार करते हुए आरक्षण प्रक्रिया के आधार, उपलब्ध आंकड़ों और संबंधित नियमों का परीक्षण किया जाए। साथ ही भिलाई नगर निगम के SC-ST आरक्षित वार्डों में प्रस्तावित परिवर्तन पर रोक लगाने की मांग की गई है।
आवेदन में यह भी कहा गया है कि यदि प्रस्तुत आपत्ति और तथ्यों पर नियमानुसार विचार नहीं किया गया तथा आरक्षण में बदलाव किया गया, तो वे अपने वैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए उच्च अधिकारियों और सक्षम न्यायालय की शरण लेने के लिए बाध्य होंगे।
सिद्दीकी ने कलेक्टर से पूरे मामले में नियमों के अनुरूप निष्पक्ष और न्यायोचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।