दुर्ग। धमधा पुल स्थित शिवनाथ नदी में डूबे एक युवक का शव राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम ने मंगलवार को करीब 16 घंटे के सघन रेस्क्यू अभियान के बाद बरामद कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। तेज बहाव और गहरे पानी के बीच चले इस अभियान में डीप डाइविंग विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एसडीआरएफ से मिली जानकारी के अनुसार, कंट्रोल रूम दुर्ग को सूचना मिली थी कि 4 अगस्त 2026 की शाम करीब 7 बजे थाना नंदिनी क्षेत्र के धमधा पुल स्थित शिवनाथ नदी में एक युवक नदी में कूदने के दौरान तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गया। सूचना मिलते ही जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी दिनेश कुमार रावटे के निर्देश पर एसडीआरएफ की टीम को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
5 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे एसडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। नदी में तेज बहाव और गहराई के कारण अभियान चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन टीम ने लगातार प्रयास जारी रखे। करीब सुबह 11:20 बजे डीप डाइविंग विशेषज्ञ राजकुमार यादव और चंद्रप्रताप जंघेल ने गहरे पानी में तलाशी अभियान चलाकर युवक के शव को खोज निकाला।
बरामद शव को आवश्यक कार्रवाई के लिए थाना नंदिनी पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक की पहचान संजय ओझा (46 वर्ष), पिता राजेंद्र प्रसाद ओझा, निवासी बैकुंठ धाम, वार्ड क्रमांक-32, छावनी (भिलाई) के रूप में हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक के नदी में कूदने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
इस रेस्क्यू अभियान का नेतृत्व प्रभारी ईश्वर खरे ने किया। टीम में चंद्रप्रताप जंघेल, राजकुमार यादव, भूपेंद्र सिंह, रमेश रात्रे, महेश गंधर्व, ओंकार, शारदा प्रसाद, राजेश यादव और दिलीप कुमार शामिल रहे। एसडीआरएफ के जवानों ने विपरीत परिस्थितियों में धैर्य और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया।