नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच शनिवार को उस समय उत्साह का माहौल बन गया, जब Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की सूचना एक फोन कॉल के माध्यम से मिली। सूचना मिलते ही आंदोलन स्थल पर मौजूद हजारों छात्रों और समर्थकों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई और पूरे परिसर में जश्न शुरू हो गया।
🚨 धरना खत्म करने के ऐलान पर मजेदार पल 😂
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, “हम धरना खत्म कर रहे हैं।”
इस पर मंत्री जितेंद्र सिंह ने मजाकिया अंदाज में कहा, “With immediate effect बोल दो।” 😄#JitendraSingh #CJP #FunnyMoment #Politics #Viral pic.twitter.com/NrBmwVBKO2— KUMAR (@MyCric101) July 25, 2026
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फोन पर इस्तीफे की जानकारी मिलने के तुरंत बाद अभिजीत दिपके मंच पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, “We have done it. Dharmendra Pradhan has resigned” (हमने कर दिखाया, धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया)। उनके इतना कहते ही छात्रों ने तालियों और नारों के साथ अपनी खुशी जाहिर की। कई छात्र एक-दूसरे को गले लगाते नजर आए, जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने तिरंगा लहराकर इस क्षण का स्वागत किया।
यह आंदोलन कथित NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर शुरू हुआ था। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने और छात्रों के साथ हुए कथित अन्याय के लिए जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे थे। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आंदोलन की प्रमुख मांगों में शामिल था।
हालांकि, CJP ने स्पष्ट किया कि इस्तीफा आंदोलन का अंत नहीं है। संगठन का कहना है कि परीक्षा सुधार, प्रभावित छात्रों के लिए न्याय और अन्य लंबित मांगों पर सरकार की ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा। अभिजीत दिपके ने भी इसे “सिर्फ शुरुआत” बताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार सुनिश्चित करना है।
जंतर-मंतर पर हुए इस घटनाक्रम के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। आंदोलनकारियों ने इसे लोकतांत्रिक दबाव और छात्र एकजुटता की बड़ी जीत बताया, जबकि देशभर में इस घटनाक्रम पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।