कोई गड़बड़ी नहीं: फोर्टिफाइड राइस वितरण में पारदर्शिता का दावा

       रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित , (मार्कफेड) ने फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफ आर के) की निविदा एवं आपूर्ति के संबंध में जानकारी दी है कि धान उपार्जन, कस्टम मिलिंग एवं चावल आपूर्ति की समस्त प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित नियमों तथा भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता के साथ संचालित किया जा रहा है। उपार्जन से लेकर भंडारण एवं वितरण तक प्रत्येक स्तर पर निर्धारित प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया गया है। फोर्टिफाइड राइस के संबंध में बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार इसकी सार्वभौमिक आपूर्ति को अस्थायी रूप से स्थगित करते हुए चरणबद्ध व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत राज्यों को आवश्यकता अनुसार फोर्टिफाइड अथवा नॉन-फोर्टिफाइड चावल वितरण का विकल्प दिया गया है।

       राज्य में इन निर्देशों का पूर्णतः पालन किया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में कार्य आदेश मात्र 50989 मीट्रिक टन के विरुद्ध 41899 मीट्रिक टन एवं 2025-26 में कार्य आदेश एफआरके 83050 मीट्रिक टन के विरुद्ध 5834 मीट्रिक टन की आपूर्ति नियमानुसार की गई है तथा शेष मात्रा का वितरण निर्धारित प्रक्रिया के तहत जारी है।

       समस्त क्रय, मिलिंग एवं परिवहन कार्य अधिकृत एजेंसियों एवं अनुबंधों के माध्यम से संपादित हो रहे हैं, जिनकी सतत निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने आमजनों एवं संबंधित हितधारकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सूचनाओं पर विश्वास करें तथा किसी भी शंका की स्थिति में विभाग से संपर्क किया जा सकता है।

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