मजबूरी की हद पार: बहन की चिता बाथरूम में जलाने को मजबूर, सिस्टम पर उठे सवाल

       धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले के गोविंदपुर से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां एक युवती की मौत के बाद उसका शव पांच दिनों तक घर में पड़ा रहा। उसने अंतिम संस्कार को लेकर भाई ने पड़ोसियों से मदद मांगी, लेकिन कोई आगे नहीं आया। इसके बाद उसके ही भाई ने बाथरूम में शव को जला दिया। मृतक का नाम लिपिका कुमारी है, जोकि वास्तु विहार स्थित एक आवासीय कॉलोनी में एक मकान में रह रही थी। लिपिका तलाकशुदा थी। वह लंबे समय से परेशान चल रही थी। लिपिका के पिता का नाम संगीत कुमार है, जोकि एक साइंटिस्ट थे। साल 2023 में संगीत का निधन हो गया था।

       8 अप्रैल को लिपिका की संदिग्ध परिस्थितियों में घर में ही मौत हो गई थी। घर में मौजूद भाई प्रणव राजवर्धन ने पड़ोसियों को इसके बारे में सूचना दी, लेकिन उन्होंने उनकी बात को अनसुना कर दिया। इसके बाद प्रणव ने 12 अप्रैल को बहन के शव को घर के बाथरूम में जलाने की कोशिश की। बाथरूम में कपड़े, रजाई और तकिए रखकर आग लगा दी। घर से तेज धुआं निकलने लगा, साथ ही जलने की गंध भी आने लगी। लोग बदबू से परेशान हो गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

       मौके पर तत्काल गोविंदपुर थाने की पुलिस की एक टीम पहुंची। घर की स्थिति देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। पुलिस ने तत्काल पानी डालकर आग बुझाई और जले हुए शव के अवशेषों को बरामद किया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

       शुरुआती जांच में सामने आया है कि पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान था। हालांकि, यह पता नहीं लग पाया है कि डिप्रेशन की वजह क्या थी। पुलिस भाई से भी पूछताछ कर रही है। वहीं, पड़ोसियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। इस घटना को सुसाइड और मर्डर के एंगल भी जांच की जा रही है। भाई-बहन के कॉल रिकॉर्ड्स भी खंगाले जा रहे हैं। साथ ही पुलिस परिवार के रिश्तेदारों से भी संपर्क साधने में जुटी है।

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