अहिवारा, दुर्ग। धमधा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत बागडुमर में सरपंच और पंचायत प्रशासन के खिलाफ विवाद अब और गंभीर होता जा रहा है। अविश्वास प्रस्ताव के बाद अब एक और आधिकारिक आवेदन सामने आया है, जिसमें पंचायत खाते से राशि निकासी पर रोक लगाने की मांग की गई है।
आवेदन में क्या कहा गया?
यह आवेदन जनपद पंचायत धमधा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को संबोधित है।
विषय में साफ लिखा गया है कि “ग्राम पंचायत बागडुमर के खाते से अस्थायी रूप से राशि निकालने पर रोक लगाई जाए”।
लगाए गए गंभीर आरोप
दस्तावेज में पंचायत के सरपंच और सचिव पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं:
- पंचायत में मनमानी तरीके से कार्य किया जा रहा है
- जनप्रतिनिधियों (पंचों) को विश्वास में नहीं लिया जा रहा
- बिना किसी प्रस्ताव के पंचायत खाते से राशि निकाली जा रही है
- पंचायत बैठकों का नियमित आयोजन नहीं हो रहा
दस्तावेज के अनुसार, जनवरी में बैठक हुई थी, लेकिन फरवरी में बैठक नहीं हुई और मार्च की बैठक कोरम के अभाव में स्थगित कर दी गई।
राशि निकासी पर रोक की मांग
आवेदन में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि जब तक पूर्ण बहुमत से राशि आहरण (निकासी) का प्रस्ताव पारित नहीं होता, तब तक पंचायत खाते से किसी भी प्रकार की राशि निकालने पर अस्थायी रोक लगाई जाए।
पंचों का समर्थन
इस आवेदन पर उपसरपंच सहित कई पंचों के हस्ताक्षर हैं, जिससे यह साफ है कि पंचायत के अंदर असंतोष गहराता जा रहा है।
कब दिया गया आवेदन?
यह आवेदन 10 अप्रैल 2026 को प्रस्तुत किया गया है और इस पर आधिकारिक मुहर भी लगी हुई है, जिससे इसकी प्रशासनिक पुष्टि होती है।
अब क्या होगा आगे?
अब यह पूरा मामला प्रशासनिक जांच के दायरे में है।
- यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो सरपंच और सचिव पर कार्रवाई संभव है
- पंचायत के वित्तीय अधिकारों पर अस्थायी रोक भी लग सकती है
- अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया भी तेज हो सकती है
बागडुमर पंचायत में अब मामला सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आधिकारिक दस्तावेजों के सामने आने से यह प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की दिशा में बढ़ता दिख रहा है। अब सबकी नजर प्रशासन की जांच और फैसले पर टिकी है।