चूल्हे ठंडे, कारोबार मंदा—कमर्शियल LPG संकट से जूझ रहा होटल उद्योग

       नई दिल्ली/मुंबई। देश के कई बड़े शहरों में कमर्शियल एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडरों की कमी ने होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को गंभीर संकट में डाल दिया है। गैस की आपूर्ति बाधित होने के कारण कई प्रतिष्ठानों में खाना बनाना मुश्किल हो गया है, जिसके चलते कुछ होटल-रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद हो चुके हैं, जबकि कई अन्य बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।

बड़े शहरों में गहराया संकट

       उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे महानगरों में कमर्शियल एलपीजी की भारी कमी देखी जा रही है। कई रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि उनके पास केवल दो दिन का गैस स्टॉक बचा है। यदि जल्द ही सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो बड़े पैमाने पर रेस्टोरेंट बंद होने की स्थिति बन सकती है।

मुंबई में सबसे ज्यादा असर

       मुंबई में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गैस की कमी के कारण करीब 20 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट ने अपना संचालन रोक दिया है। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर अगले 72 घंटों में गैस की आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो लगभग 50 प्रतिशत तक प्रतिष्ठान बंद हो सकते हैं।

मेन्यू पर भी असर

       गैस की कमी का असर रेस्टोरेंट के मेन्यू पर भी दिखाई देने लगा है। कई जगहों पर दाल मखनी, डोसा और अन्य गैस आधारित व्यंजन अस्थायी रूप से मेन्यू से हटा दिए गए हैं, क्योंकि पर्याप्त गैस उपलब्ध नहीं है।

फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर भी प्रभाव संभव

       यदि यह संकट लंबा चलता है, तो इसका असर ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जैसे Zomato और Swiggy पर भी पड़ सकता है। रेस्टोरेंट बंद होने से ऑर्डर की संख्या में गिरावट आने की संभावना है।

उद्योग संगठनों की मांग

       होटल और रेस्टोरेंट उद्योग से जुड़े संगठन AHAR (इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन) ने सरकार से इस संकट में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना जरूरी है, अन्यथा हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।

       उद्योग प्रतिनिधियों ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर मुंबई में संबंधित मंत्री से मुलाकात की योजना भी बनाई जा रही है, ताकि जल्द से जल्द समाधान निकाला जा सके।

       विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आपूर्ति व्यवस्था जल्द सामान्य नहीं हुई, तो होटल-रेस्टोरेंट उद्योग को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *